मोतीझील मोतिहारी से Nakul Kumar लाइव

Uncategorized

                     जी हां आप सही देख एवं पढ़ रहे हैं । जैसा कि पुलिस प्रशासन की तरफ से गायत्री मंदिर घाट के पास विसर्जन का व्यवस्था की गई थी। तो वही कुछ नाविक मदरसे के सामने अथवा अन्य जगहों से जान जोखिम में डालकर नाव पर मूर्ति विसर्जन करने लगे। इतना देखते ही बिहार पुलिस का जवान दौड़ पड़ा और तब तक नाविक नाव पर मूर्ति लेकर दरिया के बीचो-बीच पहुंच चुका था। पुलिस वाले ने उसे वॉर्निंग दी।इससे जान माल की क्षति हो सकती है ।

                   खैर मूर्ति विसर्जन से मोती झील में बहुत ही ज्यादा कचरा पसर गया है । नगर परिषद के लिए यह सिरदर्द जैसा है, कि अब नए सिरे से मोती झील की साफ सफाई एवं कचरा को किस तरह से निकाला जाए ताकि फिर से मोतीझील मछलियों के लिए अच्छे आवास के रूप में प्राप्त हो सकें।

हिंदू धर्म एवं मान्यताओं के अनुसार प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के साथ पूरे विधि विधान के साथ पूजन की जाती है एवं उसके बाद प्रतिमा का विसर्जन का विधान है । प्रतिमा को पानी या जल स्रोत में ही विसर्जन इसलिए किया जाता है क्योंकि प्रतिमाएं मिट्टी की बनी होती है और मिट्टी मिट्टी में समाहित हो जाएं जिससे जल प्रदूषण आदि की समस्या उत्पन्न ना हो । किंतु जब से मूर्तियां, प्लास्टर ऑफ पेरिस अथवा अन्य केमिकल से बनने लगी है तब से जल प्रदूषण का स्तर बढ़ा है । साथ ही साथ जब लोग मूर्तियों का विसर्जन करते हैं तो उसके साथ ही साथ ढेर सारा कचरा जैसे फूल,माला, पूजन सामग्री,प्लास्टिक से बने बहुत सारे सजावट के सामान आदि पानी में फेंक देते हैं । जबकि हिंदू धर्म शास्त्रों में ऐसा कहीं नहीं कहा गया है कि नदी को प्रदूषित किया जाए। यहां तक कि जल को भी देवता एवं गंगा के रूप में पूजा का विधान है । किंतु समय परिवर्तन के साथ साथ वर्तमान पीढ़ी इन भारतीय रिवाजों को भूल गई है। जिससे सारा का सारा कचरा नदी के जल स्रोत में डाल देती है जिससे नदी जल सरकारी प्रदूषित हो रहा हैं ।।
                   जहां तक मोतिहारी के मोती झील का सवाल है तो यहां शहर का मैनहोल मोतीझील में गिरता है। मुर्गी आदि का व्यवसाय करने वाले लोगों द्वारा भी मोतीझील में कचरा डाल दिया जाता है । बहुत सारे लोग पूजा एवं कर्मकांड से बचे पदार्थों को भी जल में डाल देते हैं और मूर्ति विसर्जन झील में होने से जल प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है एवं इसका अस्तित्व खतरे में पड़ गया है ।।

Advertisements

                    कुछ दिन पहले मोतिहारी के युवाओं के नेतृत्व मोतीझील आंदोलन चलाया गया। यह अभियान काफी हद तक सफल रहा क्योंकि वर्षों से उपेक्षित पड़े मोतीझील की साफ सफाई एवं रखरखाव संबंधी प्रश्न इस आंदोलन के बाद उठने लगे लगे एवं इस आंदोलन का ही प्रभाव था कि मोती झील से जलकुंभी को निकाला गया एवं आज मोतीझील  पहले की अपेक्षा बहुत ही ज्यादा सांफ है । किंतु आए दिन फेंके जाने वाले कचरे से मोती झील में जो गंदगी पसर रही है उसको समय-समय पर साफ करने की आवश्यकता है ताकि मोती झील की वही खूबसूरती फिर प्राप्त हो सके । साथ ही साथ यदि मोती झील के दोनों तरफ से वृक्षारोपण कर दिया जाए तो फिर से मोतीझील के प्राकृतिक अस्तित्व को बचाया जा सकता है।

                       इसके साथ ही साथ मोतिहारी नगर परिषद को यह सोचना होगा कि मोतिहारी के शहर से निकला हुआ सीवरलाइन मोतीझील में ना गिरे ताकि मोतीझील के जल में ऑक्सीजन का लेवल अधिकतम रहे । जिससे जलीय जीव जंतु का अस्तित्व कायम रह सके।

contact for advertisment and more
Nakul Kumar
8083686563

अन्य ख़बरें

Selfie with tree के co founder Ramlal Prasad ने किया रक्त दान
बोकानेकला: धूम धाम से मनाई गई डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती
गौतम बुद्ध दर्द उपचार क्लिनिक मोतिहारी में दर्द के मरीजो का हुआ नि:शुल्क जांच*
मिडिया पर लगाए हुए प्रतिबंध वापस ले सरकार : डॉ दीपक कुमार 
Written by Nakul Kumar 8083686563
दरिद्र नारायणों के बीच कंबल वितरण करके मनाया गया नया साल।
भांजी पर थी बुरी नजर.........और फिर हुआ तेजाबकांड
थाइलैंड में सुपरमॉडल इंटरनेशनल 2019 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी आरोही श्रीवास्तव
दलित बेटी का दम: मेरिटधारियों को पछाड़ रिया सिंह बनीं पीएचडी प्रवेश परीक्षा टॉपर
संगम नगरी इलाहाबाद से नकुल कुमार लाइव
जनादेश एक्सप्रेस के मोतिहारी कार्यालय का हुआ उद्घाटन
बापूधाम रेलवे स्टेशन के सभी पदाधिकारी एवं कर्मचारियों का स्थानीय सांसद ने पत्र के माध्यम से किया अभि...
--------------गजल------------
मां जैसी......
प्रारब्ध
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर गरीब गुरबों के लिए वस्त्र संग्रह सह वितरण कार्यक्रम की हुई शुरुआत ।
जिले में खुलेंगे ऑटोमोबाइल एवं कृषि संबंधित उद्योग के प्रतिष्ठान... जूता-चप्पल, मिष्ठान, कपड़ा के दु...
मोतिहारी के सिंघम IPS उपेंद्र कुमार शर्मा की हुई घर वापसी
श्रद्धांजलि
बोधगया। मतदाताओं को जागरूक करने के लिए सैंड आर्टिस्ट ने बनाई अदभुत कलाकृति

Leave a Reply