मोतिहारी रोजगार मेला जिसमें नकुल कुमार को रोजगार नहीं मिला

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मोतिहारी रोजगार मेला में जॉइनिंग लेटर मिला लेकिन रोजगार नहीं मिला।।
www.ntcnewsmedia.com /नकुल कुमार की कलम से

संस्मरण। बात 2017 की है जब बड़ी आशान्वित हो कर मैंने भी दो ऑटोमोबाइल कंपनियों में इंटरव्यू दिया था। पहले रिटन टेस्ट मैं सिलेक्ट हुआ उसके बाद 8000 की तनख्वाह के साथ मुझे जॉइनिंग लेटर दिया गया कि आपको कुछ दिनों बाद फोन करके बुलाया जाएगा। वहां एक बार और इंटरव्यू होगा तब जाकर आपका फाइनल सिलेक्शन होगा इसके लिए जगह मोतिहारी मुजफ्फरपुर अथवा पटना बताया गया।।मैंने हंसी खुशी वास जोइनिंग लेटर लेकर हनुमान जी के पास गया हनुमान जी को प्रसादी खिलाई लोगों में मिठाइयां बांटी लेकिन जब 15 दिन के बाद तक मुझे किसी तरह का कोई कॉल नहीं आया हां और ना ऐसी कोई स्थिति ना रही तो मेरी आशा धीरे टूटती चली गई।उन्हीं दिनों राधा मोहन सिंह सर्किट हाउस में आए हुए थे मैं अपना जॉइनिंग लेटर लेकर उनके पास बकायदा एक एप्लीकेशन के साथ किया और उनके सामने यह बात रखी थी जिला स्कूल में जो रोजगार मेला लगा था उसमें मुझे मेरे हुनर के आधार पर यह ज्वाईनिंग लेटर +₹8000 की तनख्वाह के साथ दिया गया। किंतु ना अभी तक कोई कॉल आया और ना ही तो कोई नौकरी मिली है।वहां मुझे रघुनाथपुर स्थिति स्किल इंडिया सेंटर पर जाने के लिए कहा गया एवं बताया गया कि वहां आपकी समस्या का निदान काफी हद तक हो जाएगा। जब मैं स्किल इंडिया सेंटर पर गया तो वहां बैठे मैनेजर महोदय (मैनेजर अथवा निदेशक जिनका नाम में मिस कर रहा हूं) ने मुझे बड़े प्यार से बैठाया एवं मुझे पानी पिलाया तब तक मैं बड़ा आशान्वित भी था कि मुझे जो अवश्य ही मिल जाएगा। फिर चाय पीने के साथ साथ मैं भीतर भीतर कंफर्म हो गया की अब तो मेरा जॉब श्योर है।।सामने बैठे संस्थान के निदेशक अथवा मैनेजर मंद मंद मुस्कान से मेरी तरफ देख रहे थे अचानक से उन्होंने अपने मुखारविंद से मेरे लिए जो शब्द कहें वह शब्द मुझ पर आकाश की बिजली की तरह गिरी के कुछ आने के लिए मैं असहज हो गया।उन्होंने कहा कि बहुत सारी कंपनियां ऐसी आ गई थी जिससे हमारा टैगअप नहीं हो पाया है यही कारण है कि आपको जॉब नहीं मिल पाया। आप स्किल इंडिया के तहत पहले ट्रेंड हो जाइए फिर आपको हम जॉब दिला देंगे।

कुछ देर के लिए मैं सोचने लगा कि पॉलिटेक्निक करने के दौरान हम लोगों ने बिहार राज्य ट्रांसपोर्ट में बकायदा 1 महीने की ट्रेनिंग की थी जिसमें हम लोगों ने इंजन खोलना, इंजन कोई एसम्बल करना,टायर वेल्डिंग, चेसिस, अशोक लीलैंड, टाटा इंजन आदि सभी चीजों का व्यापक स्तर पर अध्ययन किया था।

लेकिन उस अध्ययन का मेरे लिए कोई मत नहीं आ गया क्योंकि उसके बाद फिर से मुझे स्किल इंडिया के 33 किलो ना था मतलब 1 डिग्री लेने के बाद फिर से स्किल इंडिया के डिग्री लेकर तब जाकर जॉब के लिए एलिजिबल होता उसमें भी जॉब प्राप्त हो जाएगी इसकी कोई गारंटी नहीं थी।

स्किल इंडिया में भी रघुनाथपुर सेंटर के पास ऑटोमोबाइल का ट्रेनिंग का कोई साधन ना था उसके लिए मुझे सिवान जाने का रास्ता बताया गया क्योंकि वहां पर ऑटोमोबाइल का प्रशिक्षण स्किल इंडिया के तहत दिया जाने कि सुविधा है।

आप सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि इतना बड़ा रोजगार मेला लगा और इतने चक्कर खाने के बाद रोजगार नहीं मिला तो फिर इतना बड़ा रोजगार मेला लगाने का क्या महत्व आ गया मुझे नहीं मालूम आने लोगों को मिला या नहीं मिला व्यक्तिगत तौर पर मुझे तो नहीं मिला।

मुझे दिक्कत किसी सरकार किसी पार्टी किसी व्यक्ति विशेष से नहीं है बल्कि मेरा मुद्दा यह है कि जब हमारे मोतिहारी में रोजगार मेला लगता है मैं उसमें एग्जाम देता हूं इंटरव्यू के लिए क्वालीफाई करता हूं इंटरव्यू क्वालीफाई करने के बाद मुझे जॉब लेटर दिया जाता है एवं जॉब लेटर देने के बाद मुझे जॉब अगर नहीं मिलता है तो फिर ऐसे रोजगार मेला लगाने का क्या फायदा हुआ….? बड़ा प्रश्न यह है मेरे लिए।

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