बिजली मिस्त्री की बेटी बनी SDM, 63वें BPSC में प्रियंका कुमारी को आया 101 रैंक

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14-10-2019
पूर्वी चंपारण/ नकुल कुमार साह, बिरजू ठाकुर, राहुल

👉पहले से RDO प्रियंका कुमारी बनेंगी SDM पढ़िए अफसर बिटिया की संघर्ष गाथा।

👉63वें बीपीएससी में आया 101 रैंक,SDM पद के लिए चयनित।

पूर्वी चम्पारण। बिहार के पूर्वी चंपारण जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र मधुबन गांधी चौक निवासी शिव शंकर पंडित की बड़ी बिटिया प्रियंका कुमारी ने 63वे बीपीएससी में 101 रैंक लाकर एक बार फिर से अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है  इसके पहले 62वे बीपीएससी में 433 रैंक लाकर RDO के लिए चयनित हुई थी। प्रियंका कुमारी के एसडीएम पद के लिए चयनित होने के बाद घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

घर-परिवार की माली स्थिति:
प्रियंका कुमारी ने बताया कि उनके घर परिवार की माली स्थिति उतनी अच्छी नहीं है पिताजी पैसे से बिजली मिस्त्री हैं एवं मां कुशल गृहणी है। अन्य तीन भाई एवं बहन जिनकी पढ़ाई जैसे-तैसे चल रही है। परिवार की माली स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि सबको अच्छे विद्यालयों अथवा अच्छे कोचिंग संस्थानों में पढ़ाया जा सके, बावजूद इसके गरीब पिता का सपना है कि उनके सभी बच्चे पढ़-लिखकर इस लायक हो जाएं कि उन्हें फिर से गरीबी का मुंह ना देखना पड़े।

प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा:-
प्रियंका कुमारी की प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा कक्षा 7 तक प्राइवेट स्कूल में हुई किंतु परिवार की माली स्थिति प्राइवेट संस्थानों की फीस भरने में सक्षम नहीं थी। पिताजी को एक तरफ पेट भरने की चिंता सताती थी तो दूसरी तरफ हम सभी भाई बहनों की शिक्षा दीक्षा । इसलिए पिता ने उनका एडमिशन प्रखंड क्षेत्र के राजकीय मध्य विद्यालय बालक में कराया जहां से 2008 में उन्होंने आठवीं पास की तत्पश्चात उसी क्षेत्र के प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय से 2010 में प्लस टू पास की चकिया के एसआरपी कॉलेज से 2016 में ग्रेजुएशन करने के साथ ही उन्होंने घर पर ही रह कर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने लगी।

मिशन सरकारी नौकरी, संघर्ष एवं असफलता:-
शुरू-शुरू में सुश्री कुमारी विभिन्न जनरल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी सिर्फ सरकारी नौकरी प्राप्त करने के उद्देश्य से कर रही थी। उनका कोई एक लक्ष्य नहीं था की अमुक परीक्षा को क्वालीफाई करना है उन्होंने एसएससी बैंकिंग रेलवे आदि का एग्जाम भी दिया 2014 में एलडीसी स्टेनोग्राफर का रिजल्ट आया जिसमें टाइपिंग एवं शॉर्टहैंड आदि की प्रैक्टिस ना होने के कारण एग्जाम देने नहीं गई, जिससे उनके सपनों को एकक्षण के लिए झटका सा लगा। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी यही कारण था कि 2016 में सीजीएल की परीक्षा दी जिसमें पीटी में सिलेक्शन हुआ लेकिन मेंस नहीं हुआ। 2016 में ही रेलवे स्टेशन मास्टर की परीक्षा दी जिसमें पीटी मेंस एवं साइको में उनका रिजल्ट आया किंतु किस्मत को कुछ और ही मंजूर था इसलिए प्रियंका कुमारी यहां डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में डिसक्वालीफाई हो गई।

60 से 62 वे बीपीएससी में आया था 433 रैंक मिला था RDO के लिए हुई थी चयनित

पिता शिव शंकर पंडित कहते हैं कि इतने रिजल्ट आने के बाद भी अफसर बिटिया का धैर्य जवाब ना दे इसलिए हम लोग हमेशा बिटिया को प्रोत्साहित करते रहते थे वहीं दूसरी और प्रियंका कहती हैं कि  मुझे ज्यादा कुछ पता नहीं था इसलिए जो वैकेंसी आती वह मैं भर्ती जाती और करीब-करीब सारे एग्जाम दे चुकी थी, सफलता अभी मुझ से कोसों दूर थी। लेकिन जब बीपीएससी (60 से 62 वे 433 रैंक) में चयनित हुई तो यह याद आया कि मेरे नसीब में कुछ बड़ा था शायद इसलिए मैं दूसरे परीक्षा में चयनित नहीं हो पा रही थी।

लाइफ का टर्निंग प्वाइंट:-
क्योंकि मैं जनरल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी काफी दिनों से करती आ रही थी इसलिए जनरल स्टडीज पर मेरा अच्छा पकड़ हो गया था। फिर तब तक मेरा ग्रेजुएशन भी कंप्लीट हो चुका था तो मैंने सोचा चलो एक बार बीपीएससी भी देकर देखा जाए ।

जब मैं पीटी देकर आई मेरा एग्जाम अच्छा गया था तो मैंने उसके साथ ही मेंस की तैयारी में लग गई और फिर मेरा फाइनल सिलेक्शन 2017 में RDO पद के लिए हुआ क्योंकि उस समय मैं अंडर एज भी थी तो उसी के अनुसार दो-तीन ही पोस्ट मेरे लायक थे जिसमें पहला ऑप्शन यही था। आरडीओ पद पर चयनित होने केेेे बाद पहले तीन महीना पटना में एवं उसके बाद 1 महीने से भागलपुर डिस्ट्रिक्ट में ट्रेजरी ट्रेनिंग कर रही हैं।

परिवार-समाज, शादी के रिश्ते:-
प्रियंका कुमारी कहती हैं कि बीपीएससी के परीक्षा में चयनित होने के साथ ही मेरा आत्मविश्वास काफी बढा़ एवं अब परिवार का सपोर्ट पहले से ज्यादा मिलने लगा।

पहले परिवार में मेरी शादी की जो सुगबुगाहट चल रही थी वह अब बंद हो गई। थोड़ा मुस्कुराते हुए प्रियंका कुमारी कहती हैं कि अब ऐसा परिवर्तन हो गया है कि पहले पिताजी शादी के रिश्ते लेकर जाते थे। लेकिन बीपीएससी का रिजल्ट आने के बाद अब शादी के रिश्ते आने लगे हैं। प्रियंका कुमारी (हंसते हुए) कहती है कि हद तो तब हो गई जब लड़के वाले शादी के रिश्ते के साथ-साथ दहेज का भी ऑफर कर रहे हैं।

सफलता का श्रेय माता-पिता एवं फेसबुक व्हाट्सएप सोशल मीडिया को देती हैं:-

प्रियंका कुमारी बताती है कि 63 वेबीपीएससी में 101 रैंक के साथ एसडीएम के लिए उनका चयनित होने का श्रेय अपने माता-पिता भाई-बहन के साथ-साथ सोशल मीडिया( फेसबुक व्हाट्सएप एवं यूट्यूब) को देती हैं।

सुश्री प्रियंका बताती है कि हर चीज के दो पहलू होते हैं सकारात्मक एवं नकारात्मक इसलिए सोशल मीडिया का प्रयोग सकारात्मक ढंग से किया जाना चाहिए।

अपने अध्ययन के विषय में प्रियंका कुमारी बताती हैं कि उन्होंने फेसबुक पर बीपीएससी ग्रुप जॉइन किया था जहां से उन्हें ढेर सारी स्टडी मैटेरियल मिले। उसके पश्चात ही कई शिक्षाविदों से ऑनलाइन जान पहचान हुई एवं व्हाट्सएप ग्रुप का निर्माण हुआ जिसमें बीपीएससी मेंस की तैयारी में मुझे काफी लाभ मिला। ग्रुप में क्वेश्चन आंसर एवं मींस के आंसर शीट का सीनियर द्वारा करेक्शन किया जाना दूसरे के द्वारा लिखे गया आंसर को पढ़कर कंपैरिजन करना आदि से भी मुझे काफी लाभ मिला।

पीटी मेंस के लिए सेल्फ स्टडी जरूरी:-
प्रियंका कुमारी बताती है कि पीटी, मेंस के लिए सेल्फ स्टडी काफी ज्यादा जरूरी है। इसके लिए उन्होंने कहीं कोचिंग नहीं ली बल्कि सोशल मीडिया ही उनकी कोचिंग थी। चुकी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते-करते मेरा जीएस पर काफी पकड़ हो गया था इसलिए मुझे ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी।

इंटरव्यू:-
प्रियंका कुमारी बताती है कि इंटरव्यू के 10 दिन पहले ही उन्होंने पटना में इंटरव्यू की ट्रेनिंग ली जिससे उन्हें काफी लाभ मिला। यहाँ इंटरव्यू में कैसे जाते हैं, कैसे बातचीत करते हैं, प्रश्नों का जवाब कैसे देते हैं, आई कांटेक्ट आदि का ढंग सीखने का मौका मिला।

63 वे बीपीएससी के इंटरव्यू में पूछे गए प्रश्न:-
प्रियंका कुमारी अपने इंटरव्यू में पूछे गए प्रश्नों को बताते हुए कहती हैं कि इंटरव्यू के दौरान मुझसे कई प्रश्न पूछे गए जिनमें मुख्य रूप से:-

(1) आपका ग्रेजुएशन कब हुआ
(2) आप अभी क्या कर रही हैं
(3) लिट्टी चोखा जानती हैं…??? बिहार में लिट्टी चोखा क्यों प्रसिद्ध है…??? अन्य जगह क्यों नहीं प्रसिद्ध है…???
(4) रामचरितमानस आपने पढ़ा है…? राम ने सीता की अग्नि परीक्षा क्यों ली, क्या यह सही था…???
(5) राम ने सीता को वनवास भेजा क्या यह सही था….????
(6) G20 क्या है…?
(7) G7 क्या है…? आदि आदि प्रश्न पूछे गए।

माता पिता को लड़कियों पर भी इन्वेस्ट करना चाहिए:-
प्रियंका कुमारी कहती है कि माता-पिता को चाहिए कि वह लड़कियों पर भी इन्वेस्ट करें। क्योंकि लड़कियों को लड़कों के समान शिक्षा आदि के अवसर अगर दिए जाएं तो लड़कियां भी बहुत अच्छा कर सकती हैं और इसका एग्जांपल मैं स्वयं हूं क्योंकि मेरे माता-पिता ने मुझे काफी सपोर्ट किया इसीलिए आज मैं कुछ अच्छा कर पाई हूं।

निवर्तमान मुखिया एवं पूर्व उप सरपंच ने दी बधाईः-

प्रियंका कुमारी के एक बार फिर से बीपीएससी में चयनित होने पर उनके घर के आस-पास के लोगों में भी खुशी का माहौल है।

उक्त खुशी के अवसर पर मधुबन उत्तरी के स्थानीय मुखिया दीनानाथ प्रसाद एवं पूर्व उप सरपंच राहुल जी ने प्रियंका कुमारी के घर जाकर उनके पिता को बधाई दी इसके साथ ही साथ प्रियंका कुमारी का मुंह मीठा कराकर उन्हें पूरे मधुबन का नाम रोशन करने पर बधाई एवं आशीर्वाद दिया उक्त मौके पर अन्य स्थानीय लोग भी मौजूद थे।

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