हनुमान जी दलित थे यह उतना प्रासंगिक नहीं है जितना कि उनका समाज के प्रति निस्वार्थ सेवक होना।

गाँव-किसान बिहार राजनीति राष्ट्रीय
  • 20
    Shares

NTC NEWS MEDIA

नकुल कुमार        www.ntcnewsmedia.com

लोकतंत्र मैं सत्ता का हस्तांतरण हमेशा होते रहना चाहिए किसी एक पार्टी को अथवा किसी एक व्यक्ति को हमेशा मौका नहीं दिया जाना चाहिए। क्योंकि इससे निरंकुशता का भय अक्सर बना रहता है। कुछ केसो में काम भी होता है लेकिन क्रिएटिविटी नहीं हो पाती है। बदलाव के इस दौर में जनता सब कुछ देख रही है समझ रही है एवं दिन प्रतिदिन टीवी रेडियो आदि पर हो रहे विश्लेषण का अपने स्तर से विश्लेषण भी कर रही है।

इस परिस्थिति में अगर नेता चाहे की हम मंदिर मस्जिद के नाम पर लड़ा कर हनुमान जी को दलित बताकर जनता को बरगला कर उसका वोट लेकर सत्ता में आ जाएंगे तो इसे मुंगेरीलाल का सपना ही कहा जाएगा।

हनुमान जी दलित थे अथवा नहीं क्या डिबेट का विषय नहीं है अपितु हनुमान जी ने अपने जीवन में जितना त्याग किया जितना सेवा भाव से अपने प्रभु राम की माता सीता की भजन लक्ष्मण की एवं किष्किंधा नरेश एवं अपने मित्र सुग्रीव की सेवा की उससे नेताओं को काफी कुछ सीखने चाहिए क्योंकि यदि सेवा भाव से काम करने वाला व्यक्ति दलित है तो समाज का हर व्यक्ति दलित करना पसंद करेगा जिसने पूरी इमानदारी से सेवा भाव से अपने मालिक की सेवा की है।

Advertisements

आज के समय में नेता हजारों लाखों रुपए खर्च करके राजनेता बनते हैं एवं उसके बाद खुद को कुबेर पति मानने लगते हैं जिससे वे जनता का काम करने की वजह चुनाव जीतने के हथ कंडो पर विचार करने लगते हैं चुनाव जीतने के साथ ही अगले चुनाव की तैयारी शुरू हो जाती है तैयारी करना अच्छी बात है लेकिन सिर्फ कुर्सी बचाने के लिए राजनीति के नीचे से नीचे स्तर तक पहुंच जाना या किसी भी दृष्टिकोण से अच्छा नहीं है।

आज पढ़ी-लिखी जनता काफी होशियार है सचेत है क्योंकि नेताओं ने ठगी करके गरीब जनता को होशियार बना दिया है एवं आज की जनता मांस दारू पर बिकने वाली नहीं है बल्कि अपने अधिकारों के लिए फेसबुक व्हाट्सएप से लेकर रोड तक क्रांतिकारी लड़ाई लड़ने के मूड में हैं यही कारण है कि अब हजारों की संख्या में लोग नोटा बटन का प्रयोग कर रहे हैं एवं भविष्य में राइट ऑफ रिकॉल की भी मांग उठेगी ताकि अपने पद बचाने के लिए नहीं बल्कि जनता के इतने ही नेता काम कर सके।

अन्य ख़बरें

पटना: वंदे मातरम फाउंडेशन ने एक दीया शहीदों के नाम जलाने का किया आह्वान
कोविड-19 एवं लॉकडाउन के अनुपालन हेतु तिरहुत प्रमंडल आयुक्त ने की समीक्षा बैठक
पूर्वी चंपारण से राहत भरी खबर 8 कोरोना संक्रमितों के पूर्णतः ठीक होने के पश्चात दी गई घर जाने की इजा...
Global Youth Peace Committee postponed Global Youth Peace Conclave due to rapid spread of COVID –19 ...
मोतिहारी विधानसभा में भाजपा को हराने के लिये रालोसपा ने कमर कस ली है: डॉ दीपक कुमार
बूथ स्तर के कोरोना वरियर्स को कला संस्कृति मंत्री के सौजन्य से मिलेगा मास्क एवं साबुन
अटल जी को कवयित्री मधुबाला सिन्हा की श्रद्धांजलि
चंपारण के लाल राकेश पांडे ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमंस में Confluence excellence award से सम्मानित।
पीरियड महिलाओं के लिए सम्मान का विषय : तृप्ति देसाई, मुद्दा सबरीमाला मंदिर का
राजद अति पिछड़ा प्रकोष्ठ की हुई बैठक पंचायत से लेकर बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने का संकल्प
लोकतंत्र की मजबूती के लिए मताधिकार का प्रयोग जरूरी: रमण कुमार
कृषि मंत्री ने किया नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन
पक्षी संरक्षण के लिए KBC विजेता सुशिल के मुहिम को और तेज करेगी, उत्संग फाउंडेशन
संजीव कुमार कर्ण ने मेहनत और लगन से शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में पहचान बनायी
दूरदर्शन के लोकप्रिय लाइव शो बिहार विहान में दिखेंगे प्रोफेसर मुन्ना, लोग मुझे देखें, सपना हुआ साकार...
मुख्यमंत्री से नहीं संभल रहा बिहार कृपया आप सावधानीपूर्वक घर से बाहर निकलिए: तेजस्वी यादव
C3 द्वारा आयोजित मीडिया कार्यशाला में पत्रकार एवं वार्ड जनप्रतिनिधियों के साथ हुई परिचर्चा
आमिर जावेद सहित दर्जनों ने ग्रहण की भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता
इंडियन ग्लौरी अवार्ड 2019 से सम्मानित हुये 71 विभूति
सीतामढ़ी में धारा 144, अफवाह फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट बंद ?

  • 20
    Shares

Leave a Reply