सहकारिता का आंदोलन बेरोजगारी की समस्या को दूर करने में सक्षम-सतीश मराठी

Featured Post बिहार मोतिहारी मोतिहारी स्पेशल शिक्षा

युवाओं को सहकारिता के माध्यम से संयोजित कर किया जा सकता है राष्ट्र का समावेशी विकास-दीपक चौरसिया

भारत में आजादी के आंदोलनों में सहकारिता का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आज भी भारत की करीब 60 से 70 प्रतिशत जनता संसाधनों की कमी से जूझ रही है। गांवों के साथ शहरी क्षेत्रों में भी गरीबी बढ़ी है। ऐसे में समावेशी विकास के लिए सहकारिता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उक्त उद्गार भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड के निदेशक श्री सतीश मराठी ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के मीडिया अध्ययन विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद में व्यक्त किये।
विश्वविद्यालय के चाणक्य परिसर में स्थित राजकुमार शुक्ल सभागार में समावेशी विकास और वृद्धि के लिये सहकार भारतीय व वैश्विक परिदृश्य विषय पर आयोजित परिसंवाद में मुख्य अतिथि के रुप में अपने विचार व्यक्त करते हुये श्री मराठी ने कहा कि सहकार भारतीय चिंतन परम्परा का आधार रहा है।

वर्तमान में बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिये सहकारिता को आंदोलन के रुप में चलाने की आवश्यकता है। इसके लिये कृषि आधारित एग्रो-प्रोसेसिंग को अपनाने की केंद्र व राज्य सरकारों को आवश्यकता है।

इनके लिए पर्याप्त तकनीक और मशीनरी भी आज उपलब्ध है। वर्तमान में भारत के करीब 100 फीसदी गाँव सहकारी क्षेत्र से जुड़ चुके हैं जिनमें लगभग 8.5 लाख सहकारी संस्थाएं 55 प्रकार की सेवाएं प्रदान कर रही हैं।

उन्होने मध्यप्रदेश के उज्जैन और इंदौर तथा महाराष्ट्र के जलगांव जैसे राज्यों में स्वयंसहायता समूहों के जरिये दूध तथा पापड़ उद्योग के रूप में सहकारिता के सफल प्रयोगों की भी विशेषता बतायी। उन्होने सहकारिता के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा तथा रोजगार सुनिश्चित करने पर प्रभावी कार्ययोजना के क्रियान्वयन पर बल देने की बात कही।

परिसंवाद का शुभारंभ माँ शारदे के चित्र पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया । इस परिसंवाद का विषय प्रवर्तन करते हुये मीडिया अध्ययन विभाग के अधिष्ठाता प्रो.अरुण कुमार भगत ने कहा कि समावेशी विकास वह है जिसमें रोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता हो। यह सबके लिए समान रूप से अवसर उपलब्ध कराता है। समावेशी विकास के अंतर्गत शिक्षा और कौशल के माध्यम से अवसर की समानता को सभी तक पहुंचाने का कार्य किया जाता है। भारतीय चिंतन परम्परा में समावेशी विकास की उपयोगिता भी निहित है।

विशिष्ट अतिथि सहकार भारती के बिहार प्रान्त के प्रमुख श्री दीपक चौरसिया ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से समय, श्रम और धन की बचत होती है। आज सहकारिता लगभग मृतप्राय हो चुकी है। मीडिया द्वारा भी सामान्यतः इसके नकारात्मक पक्षों की ही उजागर किया जाता रहा है। लेकिन, आज विश्व के कई देशों में स्वास्थ्य, जल, बिजली तथा अन्य क्षेत्रों में सहकारिता के माध्यम से सफलतापूर्वक कार्य किया जा रहा है। युवा शक्ति राष्ट्र शक्ति होती है। इस युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण के लिए सहकारिता द्वारा संयोजित किया जा सकता है।

भारत में ‘सहकार भारती’ नाम के संगठन का निर्माण सहकारिता के विकास के लिए किया गया जो वर्तमान में देश के 27 राज्यों के 440 जिलों में कार्यरत है। जिसके सफल प्रयोगों ने लाखों लोगो की जिंदगी को आर्थिक व सामाजिक रुप से मजबूत बनाया है। परिसंवाद के अध्यक्षता कर रहें विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि सह और ‘सब’ का भाव ही सहकारिता को परिभाषित करता है। वर्तमान में देश के प्रत्येक क्षेत्र में बेरोजगारी है। देश के विश्वविद्यालयों में ही लगभग सवा सात लाख रिक्तियां हैं। इस परिदृश्य में सहकारिता अपनी विशिष्ट भूमिका का निर्वहन कर रहा है। आज ‘सहकार भारती’ जैसी सहकारी संस्था अपनी दृष्टि को व्यापकता प्रदान कर समाज को सशक्त बनाने में योगदान दे रही है। इसके अतिरिक्त सरकारी स्तर पर स्वयं सहायता समूहों ने भी विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक क्रांति की है। परिसंवाद कार्यक्रम में वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर त्रिलोचन शर्मा, प्रबंध विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर पवनेश कुमार, संगणक विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर विकास पारीक, मीडिया अध्ययन विभाग के सह प्रोफेसर डॉक्टर अंजनी कुमार झा , सहायक प्रोफेसर डॉक्टर साकेत रमन एवं डॉक्टर उमा यादव, सहकार भारती के प्रदेश महामंत्री श्री राकेश मिश्रा , श्री मनोज जी की परिसंवाद में गरिमामय उपस्थिति रही। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शोधार्थी एवं छात्र भी उपस्थित रहे।

परिसंवाद का संयोजन व आगत अतिथियों का आभार मीडिया अध्ययन विभाग के सहायक आचार्य ड़ॉ. सुनील दीपक घोडके ने व परिसंवाद कार्यक्रम का संचालन ड़ॉ. परमात्मा मिश्र ने किया। विभाग के शोधार्थी विकास कुमार, कुमार मौसम, शोभित सुमन, प्रतीक्षा, नवीन तिवारी, शैलेंद्र पाण्डेय, चिनमई आदि ने सहयोग प्रदान किया।

अन्य ख़बरें

सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र ने समस्तीपुर के एमपी रामचंद्र पासवान को दिया श्रंद्धाजलि
स्नातक नामांकन में छात्रों की सुविधा के लिए ABVP ने जिले के विभिन्न कॉलेजों में लगाया हेल्पडेस्क,
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मोतिहारी वासियों ने किया योगाभ्यास,
चंद्रा लाइफ लाइन मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल के नए भवन का शुक्रवार को होगा उद्घाटन
स्वच्छता पखवाड़ा के चौथे दिन महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय में चला स्वच्छता अभियान,
भोजपुरी फिल्म काजल के प्रमोशन को मोतिहारी पहुंचे फिल्मी सितारे
पूर्वी चंपारण जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सामग्री कोषांग, VVPAT वेयरहाउस ब्रज गृह एवं मतगणना केंद्र क...
हमने एक कुशल नेता एवं राजनीतिज्ञ खो दिया: डॉ आर के गुप्ता
बीजेपी लीडर सैयद शाहनवाज हुसैन बिहार विधान परिषद के लिए हुए निर्वाचित
अप्रवासी सम्मेलन को सफल बनाने को लेकर भाजपा विदेश संपर्क विभाग की हुई बैठक
संत श्री आसाराम बापू आश्रम मोतिहारी द्वारा अटल बिहारी वाजपेयी जी को दी गई श्रद्धांजलि
खिलाड़ियों के लिए चलाया जा रहा है "लर्न फ्रॉम होम" और "स्पोर्ट्स क्विज" कार्यक्रम
एनएसआई बैनर तले बनी शार्ट फिल्म वैलेंटाइन डे रिलीज
हरियाणवी सेंशेसन सपना चौधरी की मुरीद हुईं बॉलीवुड एक्‍ट्रेस संभावना सेठ, कहा - दिल से थैंक्‍स
प्रथम खंड की परीक्षा का केंद्र बदल गया है। अब इस परीक्षा केंद्र पर होगी परीक्षा ।।
लायंस क्लब ऑफ पटना शिव शक्ति का तीसरा पद ग्रहण समारोह आयोजित
राष्ट्र के विकास के लिए कृषि कार्यों से जुड़ी महिलाओं के सशक्तिकरण पर ध्यान देना बहुत जरूरी है: कृषि ...
शरण नर्सिंग होम की तरफ से लगा, डाक बम कांवरियो के लिए स्वास्थ्य एवं सेवा शिविर
कार्यपालिका की संसद के प्रति जवाबदेही विषय पर तीन दिवसीय कार्यक्रम का हुआ आयोजन
स्वच्छता अभियान के तीसरे दिन साफ सफाई कर दिया गया स्वच्छता का संदेश

Leave a Reply