शिक्षक संघ द्वारा प्रतिरोध व्‍याख्‍यानों का दूसरा चरण 

बिहार मोतिहारी मोतिहारी स्पेशल राजनीति शिक्षा

हम गाँधी में विश्‍वास करने वाले, उनकी अहिंसा और सत्‍याग्रही चेतना में विश्‍वास करने वाले लोग हैं:-

प्रतिरोध व्‍याख्‍यानों की उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए आज दोपहर दूसरे चरण में भी शिक्षक संघ द्वारा चार व्‍याख्‍यानों का आयोजन किया गया जिनका विषय था – ‘लोकतंत्र और शिक्षा : चुनौतियाँ और संभावनाएँ।

आज के मुख्‍य वक्‍ता थे – राजनीतिशास्‍त्र के प्रसिद्ध विद्वान और देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्‍वविद्यालय जवाहर लाल नेहरू विश्‍वविद्यालय के शिक्षक संघ के भूतपूर्व अध्‍यक्ष प्रो. एस.एन. मालाकार। दूसरे वक्‍ता थे – पूर्व पुलिस उपमहानिरीक्षक और वर्तमान में सर्वोच्‍च अदालत में अधिवक्‍ता के रूप में मानवाधिकारों के लिए कार्यरत श्री राकेश सिन्‍हा।

तीसरे वक्‍ता के रूप में भी एक बहुत ही लब्‍धप्रतिष्ठित विद्वान और दलित कार्यकर्ता ने कार्यक्रम में शिरकत की – दिल्‍ली विश्‍वविद्यालाय के शिक्षक प्रो. रतनलाल। वे एक इतिहासकार के रूप में तो जाने ही जाते हैं किंतु उससे ज्‍यादा हाशिये के तबकों की एक जुझारू आवाज़ के रूप में भी पहचाने जाते हैं। अन्य एक और महत्‍वपूर्ण वक्‍ता थे – हरिश्‍चंद्र चौधरी।                          प्रो. रतन लाल ने अपने व्‍याख्‍यान में सार्वजनिक शिक्षा संस्‍थानों की व्‍यवस्थित हत्‍या की साजिशों पर चिंता व्‍यक्‍त करते हुए शिक्षा के निजीकरण को दलित विरोधी बताया। उन्‍होंने विश्‍वविद्यालय कैम्‍पस सलेक्‍शन के पीछे की बाज़ारवादी ताकतों की जनविरोधी राजनीति पर प्रकाश डालते हुए आपने रेखांकित किया कि विश्‍वविद्यालय एम्‍प्‍लाइमेंट एक्‍सचेंज नहीं होता है।

प्रो. एस.एन.मालाकार ने अंगूठाकटवा द्रोणाचार्यों का सम्‍मान करने वालों की दलित विरोधी मनुवादी मानसिकता को आड़े हाथों लेते हुए भारतीय दर्शन की विभिन्‍न परंपराओं के संदर्भ में बताया कि कैसे हमारे यहाँ शास्‍त्रों के नाम पर शूद्रों और स्त्रियों को शिक्षा से वंचित रखने की साजिशें होती आई हैं। आपने कहा कि राष्‍ट्र के व्‍यवसाय और संपत्ति को बेचने वाले लोग राष्‍ट्र की वास्‍तविक समस्‍याओं से आम जन का ध्‍यान हटाने के लिए राष्‍ट्रवाद का झुनझुना हमें पकड़ाते रहते हैं। इन्‍होंने अपने व्‍याख्‍यान में शिक्षित युवाओं की बेरोजगारी पर गंभीर चिंता व्‍यक्‍त करते हुए राष्‍ट्रविरोधी पूंजीवादी ताकतों को चेतावनी दी कि बेरोजगार समाज की आरक्षी सेना होते हैं।


श्री राकेश सिन्‍हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारी समस्‍या यह है कि बिना पर्याप्‍त तैयारी के सामंती समाज से सीधे लोकतांत्रिक समाज में हमारा रूपांतरण कर दिया गया है। आपने अंबेडकर को उद्धृत करते हुए बताया कि बिना आर्थिक-सामाजिक बराबरी के हमें राजनीतिक समानता संविधान द्वारा प्रदान कर दी गई है। आपने कहा कि हम आज कॉरपोरेट द्वारा मैनेज्‍ड डेमोक्रेसी में रहने को मजबूर हैं। उन्होने बताया कि शिक्षा को कॉरपोरेट हाथों में नहीं सौंपना चाहिए क्‍योंकि कॉरपोरेट गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षा को खत्‍म करने का लक्ष्‍य लेकर चलता है ताकि उसके लूटतंत्र पर पढ़-लिखकर व्‍यक्ति सवाल न करे।

श्री हरिश्‍चंद्र चौधरी ने आज की किताबी शिक्षा के बरक्‍स जिंदगी की शिक्षा पर बल दिया। आपने कहा कि विश्‍वविद्यालय को भी गाँधी की तरह जनता से जुड़ना होगा। आपने कहा कि गाँधी की तरह ही शिक्षकों को हिंसक ताकतों से निडर होकर सत्‍य की राह पर चलना चाहिए।
इन प्रतिरोध व्‍याख्‍यानों के माध्‍यम से हम हिंसक और भ्रष्‍ट कुलपति को संदेश देना चाहते हैं और गाँधी की कर्मभूमि चंपारण की इस धरती के वाशिंदों को भी बताना चाहते हैं कि हम गाँधी में विश्‍वास करने वाले, उनकी अहिंसा और सत्‍याग्रही चेतना में विश्‍वास करने वाले लोग हैं। इन व्‍याख्‍यानों में प्रवाहित होने वाले ज्ञानामृत के आस्‍वादन हेतु हम आप सब पत्रकारों को भी आमंत्रित करते हैं।

अन्य ख़बरें

चैंपियन परियोजना के तहत महिला जनप्रतिनिधियों के बीच चैंपियन सभा का आयोजन
पहली बार बॉक्स ऑफिस पर होगा कल्लू और काजल राघवानी की फ़िल्म 'प्रतिबंध' का धमाका
दोस्ती जिंदाबाद फ़िल्म की रिलीज हुई शानदार पोस्टर, 18 अक्टूबर को सिनेमाघरों में
वैलेंटाइन डे के विकल्प के रूप में मातृ पितृ पूजन दिवस मनाया गया
धरने पर बैठे NIT PATNA के छात्र
कायस्थ महोत्सव में चित्रांश समाज की हस्तियों को मिला सम्मान
मतदाता जागरूकता के लिए कृषि विभाग ने निकाली मतदाता जागरूकता बाइक रैली
लापता नहीं बल्कि पारिवारिक कलह के कारण राजेंद्र साह ने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया था।।
बताशा चाचा उर्फ मनोज सिंह टाइगर अपनी फिल्म "लागल रहा बताशा" के प्रमोशन के लिए पहुँचें मोतिहारी, फिल्...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिवस सेवा सप्ताह के रूप में मनाऐंगे: पूर्व कृषि मंत्री
पौधा वाले गुरु जी के नेतृत्व में हुआ वृक्षारोपण दीया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
मात्र 1 इंच के फासले से बड़े हादसे का शिकार होने से बचे डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे
क्या समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव (नेता जी) का देहांत हो गया हैं...?
21वी सदी के शस्त्रों से सुसज्जित शिक्षकों की आवश्यकता: बबन पांडे
सामाजिक संगठनों ने किया गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के बीच राहत सामग्री का वितरण
रिटायर्ड कर्मचारी को अपनी कार में बैठाकर जिलाधिकारी ने पहुंचाया उसके घर
तिरंगा यात्रा निकाल कर युवाओं ने दिया राष्ट्रभक्ति के साथ साथ स्वच्छता का संदेश
जिलाधिकारी ने की सात निश्चय योजना की गहन समीक्षा, 15 दिन के भीतर सभी योजनाओं को पूरा करने का निर्देश
"स्वच्छता ही सेवा" के अंतर्गत प्रधानमंत्री के जीवन पर बनी लघु फिल्म "चलो जीते हैं" दिखाई गई।
जिलाधिकारी पूर्वी चंपारण ने चार सब्जी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

Leave a Reply