फोड़ा,फुंसी,एक्ज़िमा का होम्योपैथिक इलाज संभव है

Uncategorized

                               क्या आप खाज ,खुजली, फोड़ा, फुंसी, एक्ज़िमा,दाद ,दिनाय , या किसी भी तरह  के चरम रोग से ग्रस्त है तो निश्चित रूप से या पूरा पोस्ट आपके लिए ही है।आज हमारे साथ हैं मोतिहारी के जाने-माने होम्योपैथिक  चिकित्सक .  डॉ सबा अख्तर। जो आपको बताएंगे कि यदि आपको खाज खुजली एग्जिमा फोड़ा फुंसी  आदि  हो गई हो तो उससे होम्योपैथिक इलाज के द्वारा निजात कैसे पाएंगे।

      चूँकि अभी ये बीमारियां आम हो चुकी हैं । और चरम रोग के नाम पर लोगों के पॉकिट से काफी पैसे कट रहे हैं। आराम तो हो जाता है  मगर कुछ दिन बाद फिर उससे ज़्यादा एरिया में ये  फुंसियां निकल जाती  है चूहा को बिल से निकाले बिना बिल को बंद कर देंगे तो चूहा फिर कहीं न कहीं अपना बिल बनाएगा ना।

    दोस्तों …किसी भी मरहम को जब आप लगाते है तो वहां से फंगल बैक्टीरिया वहां से अन्दर ही दब जाता है और जैसे मौक़ा मिलता है वो बहार आ निकलता है। 

     चूँकि इसका मेयाज़म सोरा होता है जो बड़ा ही ज़िद्दी मेयाज़म होता है ।  और मेयाज़ मेटिक इलाज सिर्फ होमियो पैथ  ही के पास है । ये पहले जिस्म में छुपे मेयाज़म को बहार लाता है फिर उसके बॅक्टेरिया को मारता है तब वो इंटरनल दवा से ब्लड को साफ करता है और बीमारी से हमेशा हमेश के लिए मुक्ती मिल जाती है।

      ये फंगल अनेको प्रकार के होते हैं और हर प्रकार के लिए दवाइयाँ भी सिम्पटोम के मुताबिक अलग् अलग  होती है। 
कुछ खानदानी भी होती हैं तो कुछ  ऐलर्जिकल भी होती है । जिसका तसखिस करना भी जरुरी होता है । होमियो पैथ  में भी एक से एक दवाइयाँ   आगइ हैं । जैसे मदर टिंक्चर , ट्राईट्रियूशन   पेटेंट वगैरह । जो कीमती भी होती है और असर भी।

Advertisements

 इलाज करने का तरीका

1 पहले हम मेयाज़म की तलाश कर  एंटी सोरिक दवा देते है।
2  फिर उसको मारने के लिये   एंटी फंगल दवा देते है।
3 फिर  परेशानी से बचने के लिय एंटी सेप्टिक  लोशन देते है।
      जैसे 
सुल्फार, ग्रैफाइटिस, सोरिनम ,पेट्रोलियम एंटी सोरीक हैं तो 
मार्क सोल,कैल्केरिया सल्फ ,नेट्रम सल्फ , मेज़ेरियम्, टेलुरियाम् ,  अर्स सल्फ रुबेरम्, सकुचम् चक ,  एस करीसोरोबियम् etc के इलावा अनेको दवाइयाँ एंटी फंगल हैं तो वहीँ  नेट्रम मयूर, जुग्लान्स रेजिया , एंटी पाईरिंन  हिस्टा मुनियम् etc  के इलावा  अनेकों दवाइयाँ एंटी एलर्जिक  हैं ।

तो चलमोग्रा  आयल  एंटी सेप्टिक हैं तो  वहीँ इचिनिसिया  हाइड्रो  कोटाइल, अज़ादिरिकटा खून साफी का काम करती हैं ।
लेहाज़ा कमाल तो दवाइयों का मुनासिब चुनाव का है ।जो एक डॉ की तज़ुर्बा कारी पर मुनहसर है।  .

 इस नंबर पर आप डॉक्टर साहब  से फ्री सलाह ले सकते है

डॉ एम् एस सिद्दीकी 

जर्मन होमियो किलिनिक 
पंच मन्दिर चौक मोतिहारी
9852592060

contact for advertisment and more
Nakul Kumar
8083686563

अन्य ख़बरें

राजस्व को लेकर विधुत विभाग सख्त,बकायदारों के बिजली काटने का आदेश
शोधकर्ताओं के लिए मिस्ट्री बने ब्लैक की पहली तस्वीर आज यानी बुधवार को जारी...
प्रोफेशर संजय यादव के हमलावरों को गिरफ्तार किया जाए: छात्र राजद
रिटायर्ड कर्मचारी को अपनी कार में बैठाकर जिलाधिकारी ने पहुंचाया उसके घर
Whatsapp पर वायरल, ऐसे भ्रामक messages से बचकर रहें
चिंतन
प्याज
बिहार नवयुवक सेना ने की CBI जांच की मांग
आयुष्मान भारत योजना-2018 ( By- Journalist Nakul Kumar )
मिर्जापुर के शिक्षक गोपाल सर हुए ठगी के शिकार
मुख्तार अंसारी के मौत की उच्चस्तरीय जांच की मांग......
राम मंदिर मामले पर होगी सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई
बीएसएस क्लब:- निःशुल्क शैक्षणिक संस्थान रोसड़ा,समस्तीपुर के छात्रों ने मारी Bihar ITI में बाजी
मोनास्ट्री बनने से भारत-भूटान के रिश्ते और प्रगाढ़ होंगे : नीतीश
नारी तू नारायणी
प्राकृतिक आपदा के शिकार मृतक के परिजनों दी गई 4-4 लाख अनुग्रह राशि
आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के प्रति केंद्र सरकार संवेदनशील: पर्यटन मंत्री
सी थ्री ने शुरू किया ‘थैंक यू कोरोना वारियर्स’ नामक अनूठा अभियान
डॉक्टर्स डे पर अंतरराष्ट्रीय मानवधिकार कौंसिल ने आयोजित किया स्वास्थ्य जागरूकता अभियान
राजेश कुमार सुमन BSS CLUB रोसड़ा समस्तीपुर में "सेल्फी विद ट्री" अभियान के जनक

Leave a Reply