इंशोयेरेंस सेक्टर और संगीत जगत में विशिष्ट पहचान बना चुके हैं ,कुमार संभव’

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पटना। जाने माने पार्श्वगायक और बिरला सन लाइन इंशोरेस में ऐसोशियेट पार्टनर कुमार संभव ने न सिर्फ संगीत जगत बल्कि इंशोयेरेंस की दुनिया में भी अपनी सशक्त पहचान बना ली है।
बिहार के वैशाली जिले के महनार थाना के महनार गांव में वर्ष 1975 में जन्में कुमार संभव के पिता शिव शंकर प्रसाद रत्नाकर और मां उषा सिन्हा बेटे को उच्चाधिकारी बनाने का ख्वाब देखा करती थी। संभव के पिता जाने-माने अभिनेता हैं और उन्होंने कई भोजपुरी सिनेमा और रंगमंच पर अपने अभिनय का जौहर दिखाया जबकि उनकी मां लोकगायिका हैं।
कुमार संभव को कला विरासत में मिली। बचपन के दिनों से ही कुमार संभव गायिकी में रूचि रखा करते थे।आवाज की दुनिया के बेताज बादशाह किशोर कुमार से प्रभावित होने की वजह से कुमार संभव उन्हीं की तरह संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बनाने का ख्वाब देखा करते।
कुमार संभव स्कूल और कॉलेज में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम में बतौर गायक शिरकत किया करते जिसके लिये उन्हें काफी सराहना मिला करती। रोचक तथ्य है किशोर कुमार की मौत 13 अक्टूबर को हुयी थी और इसी दिन कुमार संभव का जन्म हुआ वहीं किशोर कुमार का जन्म 04 अगस्त को हुआ था और इसी दिन कुमार संभव के घर चिराग रौशन हुआ।
कुमार संभव ने अपनी प्रारभिक शिक्षा हाजीपुर से पूरी की और इसके बाद वह वह आंखों में बड़े सपने लिये बेहतर शिक्षा के लिये राजधानी पटना आ गये जहां उन्होंने स्नातक की पढाई पूरी की। पढ़ाई पूरी करने के बाद कुमार संभव ने बैंक और रेलवे की परीक्षायें दी लेकिन बात नही बन सकी।
कुमार संभव ने अपने करियर की शुरूआत वर्ष 2002 में स्टॉक कंपनी में बतौर मार्केटिंग एक्सक्यूटिव के तौर पर की।तीन साल तक यहां काम करने के बाद कुमार संभव टाटा आईजी कंपनी के साथ बतौर एडवाजइर जुड़ गये और तीन साल तक इस पद पर काम किया। वर्ष 2007 कुमार संभव के जीवन के लिये न सिर्फ व्यवसायिक बल्कि पारिवारिक जीवन में भी अहम मोड़ लेकर आया। इसी वर्ष कुमार संभव बिरला सन लाइफ के साथ जुड़ गये और दस साल से अधिक समय से बतौर ऐशोसियेट पार्टनर के तौर पर काम कर रहे हैं। कुमार संभव के जीवन में इसी वर्ष जानीमानी गायिका और कत्थक डांस में निपुण प्रगति पल्लवी बहार बनकर आयी और दोनो विवाह के अटूट बंधन में बंध गये।
कुमार संभव के दिल में कुछ कर गुजरने की ख्वाहिश थी । वह संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बनाना चाहते थे। इसी को देखते हुये कुमार संभव ने संगीत कार्यक्रम में हिस्सा लेना शुरू कर दिया । कुमार संभव की मेहनत रंग लायी और वह बतौर गायक अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गये।
कुमार संभव बिहार,झारंखंड के अलावा दिल्ली ,मुंबई ,कोलकाता , गोआ और नेपाल में भी हजारो शो में बतौर गायक शिरकत कर चुके हैं। बतौर गायक कुमार संभव को कई
सम्मान से नवाजा गया है। इनमें सहारा सम्मान ,इनर व्हील सम्मान , कला कुंज , कला त्रिवेणी ,कला संगम , रोटरी क्लब सम्मान ,बिहार पॉजिटिव सम्मान , मिस्टर एंड मिस पटना में सम्मान , डीएवी स्कूल , सेंटजेवियर्स स्कूल और डॉनबास्को स्कूल में सम्मान मिल चुका है।कुमार संभव अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ ही पत्नी और अपने शुभचिंतको को भी देते हैं जिन्होंने उन्हे हर कदम उन्हें सपोर्ट किया है।

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